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वो है सर्व शक्तिमान...

कविता रचनाकार- डॉ. अशोक कुमार वर्मा (हरियाणा पुलिस)

वो है सर्व शक्तिमान...
संसार को समझना अंधे कुएं में है जाना।
यहां कोई न अपना सब कुछ है बेगाना।
जितनी करोगे कोशिश उतना ही डूब जाओगे।
किस किस को खुश करोगे स्वयं ही दुख उठाओगे।
एक को मनाने में दूजे को छोड़ जाओगे।
दूजे को मनाओगे तो तीजे को खो जाओगे।
संसार को मनाने में अपना समय गवाओगे।
यह रीत है पुरानी, मैंने सुनी थी ज़ुबानी।
नये रिश्तों के चक्कर में अपने भी गवाओगे।
संसार को समझना अंधे कुएं में है जाना।
एक साधन बना भगवान, जो है सबका सहारा।
डूबे को बचाने वाला किनारे लगाने वाला।
वो है सर्व शक्तिमान, वो है भगवान।

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