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प्रियंका गांधी ने बताया अपने जीवन का लड़की हूं, लड़ सकती हूं वाला पल, गिनाई चुनौतियां

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को वर्चुअली जनता से संवाद कर रही हैं. इस बीच वह यूपी की जनता से बातचीत कर रही हैं. उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश की योगी सरकार महिला विरोधी है. कांग्रेस की यूपी चुनाव प्रभारी ने वर्चुअली संवाद करते हुए कहा कि जहां-जहां भी संघर्ष करने वाली महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं. उन्हें मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने एक सवाल का मुस्कुराते हुए जवाब देते हुए कहा कि उनके घर में भयानक लोकतंत्र है. हर किसी को सुनने के बाद ही कोई फैसला रहा है. आस्था नाम की एक महिला के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, एक समय हम गेस्ट हाउस से निकले तो पुलिस ने घेर रखा था. हमने सवाल पूछा तो कोई जवाब नहीं मिला. थोड़ा विरोध करके जब हम निकले तो टोल को ब्लॉक कर दिया गया. हमारे एक साथ ने जो गाड़ी चला रहे थे, उन्होंने वहां से गाड़ी निकाल ली. पीछे-पीछे पुलिस आ रही थी. हमने कच्चे रास्ते से गांव जाने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि फिर हमने खेत में गाड़ी उतारते हुए यह फैसला किया कि गाड़ी की लाइट बंद कर दी जाए. हमने ऐसा ही किया और पुलिस वाले निकल गए. उस समय मुझे लड़की हूं, लड़ सकती हूं वाले पल का अहसास हुआ था। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ने बताया कि जब उनकी दादी की हत्या की गई थी. उस समय वह और उनके भाई राहुल गांधी घर में ही रहे थे. करीब छह साल तक हम घर में ही रहे. उस वक्त मैं 12 साल की थी. ऐसे में मैं और राहुल दोनों ही घर में रहते थे. हमारे बीच लड़ाई भी बहुत होती थी. एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उनकी प्राथमिकता होगी कि यूपी में रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दें।

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