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मुख्यमंत्री गहलोत ने पेश किया तीसरी सरकार का चौथा बजट


जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज पन्द्रहवीं विधानसभा के सप्तम सत्र में तीसरी सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए अपना ही पिछला रिकॉर्ड 2 घंटे 46 मिनट की जगह 2 घंटे 56 मिनट में प्रदेश के आम नागरिक के खुशहाल जीवन के सपने को साकार करने सतत् विकास की गति बनाये रखने, आधारभूत सुविधाओं का विकास करने एवं सभी वर्गो के कल्याण का 123 पृष्ठीय, 226 बिन्दुओं वाला संकल्प बजट के रूप में पढ़ा। मुख्यमंत्री ने बजट शायर से शुरू किया  ना पूछो मेरी मंजिल कहां है, अभी तो सफर का इरादा किया है, ना हारूंगा हौसला उम्रभर, ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है से करते हुए अपनी सरकार के तीन साल में किए गए लोकहितकारी कार्यो लागू की गई नीतियों, और कोरोना प्रबंधन के तौर तरीको से महामारी को किए गए काबू करने में सरकार द्वारा की गई कड़ी मेहनत और बीमारी से पीड़ितो को दी गई सरकार की ओर से विभिनन सुविधाओं के साथ मेडिसिन सुविधाओं और प्रबंधन में सरकारी कोष से खर्च की गई धन राशि का ब्यौरा सदन को बताया और आगे सरकार सरकारी योजनाओं के मद में तीन साल में कितना खर्च कर चुकी है और आगे कितना खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज पेश किए गए बजट में राजस्थान ही नहीं अपने मुख्यमंत्रितत्व काल में शुरू किए गए कार्यो के साथ ही किसान बजट अलग से प्रस्तुत कर इतिहास बनाया जिसमें किसानों की छोटी से छोटी समस्याओं को रेखाकिंत किया है अपने पहले कृषि बजट में ही 78,938 करोड़ की धनराशि का बजट पेश किया। 5 हजार करोड़ कृषक साथी योजना के बजट, 20 हजार करोड़ के सहकारी फसली कर्ज बांटे जायेंगे, माइक्रो इरिगेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा, सूक्ष्म सिंचाई मिशन के तहत 2000 हजार करोड़ का ऐलान, संभागों के लिए बीज लैब बनेगी, मुख्यमंत्री जैविक खेती मिशन शुरू होगा। इसके तहत 600 करोड़ का ऐलान, राजस्थान कमोडिटी बोर्ड का गठन, राजस्थान मिलट योजना बनेगी, हॉर्टिकल्चर मिशन पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 5 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट की स्थापना की जाएगी, इसमें 15000 किसानों को लाभान्वित करने के लिए 100 करोड़ की लागत से 2 साल में फल बगीचे विकसित करने के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा, 25000 किसानों को ग्रीन हाउस जैसी अन्य सुविधाएं मिलेंगी, मसाला फसलों का 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास करवाया जाएगा, राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन शुरू होगा। 35 हजार किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए अनुदान मिलेगा, 3 लाख पशुपालकों को हरा चारा बीज मिनी किट उपलब्ध कराए जाएंगे, 60 हजार किसानों को कृषि यंत्रों पर 150 करोड़ रुपए अनुदान मिलेगा, टिड्डी हमला रोकने के लिए 1000 ड्रोन खरीदे जाएंगे, मधुमक्खी पालन के लिए 50 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा, सोलर पंप स्थापित करने के लिए 500 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। एक लाख किसानों लाभान्वित होंगे,तीन साल में 2 लाख 48 हजार कृषि कनेक्शन दिए हैं। 31 दिसंबर 2012 से 9 साल से चली आ रही पेंडिंग को आगामी दो साल में खत्म करेंगे। 22 फरवरी तक सरकार के पास 3 लाख 38 हजार आवेदन आ चुके हैं, सभी जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली अनुदान मिलेगा, इस साल 20 हजार करोड़ के सहकारी फसली कर्ज बांटे जाएंगे, 5 लाख नए किसानों को फसली कर्ज दिए जाएंगे,राजस्थान के करीब 1 लाख अकृषि परिवारों को भी 2 हजार करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज मिलेगा, भूमिहीन कृषि मजदूरों को 5000 रुपए की सहायता देगी सरकार, 4171 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ग्राम सेवा सहकारी समिति जीएसएस बनेंगी। जीएसएस खोने के मापदंडों में भी छूट दी, सीएम ने नहर परियोजना निगम के गठन की घोषणा की है। इंदिरा गांधी नहरों को 200 करोड़ खर्च कर सुधारा जाएगा, पशुपालकों को दूध पर अनुदान राशि बढ़ाई। 2 रुपए लीटर की जगह 5 रुपए लीटर राशि मिलेगी। 5 लाख दूध उत्पादकों को 500 करोड़ रुपए मिलेंगे, 5000 नए डेयरी बूथ खोले जाएंगे, बांसवाड़ा में बांधों का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा, कृषक कल्याण कोष के रूप में लगने वाला टैक्स घटाया गया, कृषक कल्याण टैक्स में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई गई है, नील गाय से फसलों को बचाने के लिए 100 करोड़ की लागत से होगी तारबंदी इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुविधाओं और बजट का इजाफा करते हुए चिरंजीवी योजना में 10 लाख रूपये का सालाना बीमा, निशुल्क ईलाज सभी श्रेणी के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में समस्त प्रदेशवासियों के लिए लागू होगा, 1 हजार 224 करोड़ की लागत से 15 चिकित्सालयों के निर्माण के साथ ही 18 जिलो में नर्सिग महाविद्यालय खोले जायेंगे, 1 हजार नए उपस्वास्थ्य केन्द्र बनेंगे, 6 उपजिला चिकित्सालयों को जिला चिकित्सालयों में क्रमोन्नत किया जायेगा, सड़क सुरक्षा तहत रोड सेफ्टी एक्ट के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी बोर्ड का गठन होगा, शिक्षा और खेल में भी सरकार ने कदम उठाते हुए रेगिस्तानी जिलो में 200 प्राथमिक विद्यालय खोलने के साथ प्रदेश के 19 जिलो में 36 कन्या महाविद्यालय खोले जायेंगे, जयपुर जोधपुर, में 20-20 करोड़ रूपये की राशि से आवासीय पैरा खेल अकादमी बनेगी, विभिन्न विभागों में लगभग एक लाख अतिरिक्त पदो पर भर्तियां होगी औद्योगिक विकास के लिए 32 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना होगी औद्योगिक सुरक्षा बल आरआईएसएफ का गठन होगा जिसमें 2000 सुरक्षाकर्मियों की भर्ती की जायेगी, सामाजिक सुरक्षा में एससी, एसटी विकास कोष की राशि बढ़ाकर 500-500 करोड की जायेगी, इन्दिरा रसोई संख्या एक हजार होगी जिस पर 250 करोड़ रूपये वार्षिक रूपये व्यय, बेघर वृद्धजन कामकाजी महिलाओं, असहाय निराश्रित व्यक्तियों के लिए पुर्नवास गृहयोजना लागू होगी, सड़क एवं सुनियोजित विकास के लिए प्रत्येक जिले के तीन प्रमुख सड़क मार्गो के तीन हजार 133 करोड़ रूपये की लागत से मेजर रिपेयर एवं उन्नयन के कार्य किए जायेंगे साथ ही प्रत्येक नगर निगम की 40 किलोमीटर नगर परिषद की 25 किलोमीटर व नगरपालिकाओं की 15 किलोमीटर मुख्य सड़को के मेजर रिपेयर कार्य कार्य करवाये जायेंगे जिस पर लगभग 1 हजार 200 करोड़ रूपये का व्यय होगा, जयपुर मेट्रो का विस्तार बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक एवं मानसरोवर से 200 फीट बाईपास अजमेर पर विस्तार प्रस्तावित है, पेयजल एवं जलसंसाधन में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 13 हजार 921 करोड़ रूपये की 24 परियोजनाओं का कार्य किया जायेगा, ऊर्जा क्षेत्र में छबड़ा तापीय विद्युत गृह का विस्तार 9 हजार 600 करोड़ रूपये लागत से 660-660 मेगावाट की स्थापना होगी वन एवं पर्यावरण क्षेत्र में 50 हजार हेक्टेयर में वन क्षेत्र में पौधारोपण किया जायेगा, पर्यटन कला एवं संस्कृति के लिए एक हजार करोड़ का पर्यटन विकास कोष बनेगा पर्यटन स्थलों हेतु 500 करोड़ मित्र भर्ती होंगे, कानून व्यवस्था के लिए अभय कमाण्ड सेन्टर 100 नम्बर ड्रायल के साथ 112 जोड़ा गया है 500 पुलिस मोबाइल यूनिट का गठन होगा प्रदेश के सभी जिलो में साइबर पुलिस सेक्शन की स्थापना होगी, राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में विस्तार कार्य होंगे, शासन के सुशासन के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना के तहत 1 करोड़ 33 लाख चिंरजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं को इंटरनेट कनेक्टिवी के साथ स्मार्ट फोन दिए जायेंगे,14 नवीन नगरपालिकायें बनाने के साथ ही कोटपूतली व कुचामन सिटी नगरपालिका को नगरपरिषद में क्रमोन्नत किया जायेगा, नगर नगरीय निकायों एवं चुने हुए जनप्रतिनिधियों के मानदेय भत्तो में 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है। कर प्रस्तावों के लिए कोविड 19 के कारण राज्य के पर्यटन एवं रियल स्टेट, किसान, उद्यमी, व्यापारी, आमजन के साथ सरकार के राजस्व पर भी विपरीत असर पड़ा है इसी के दृष्टिगत गत वर्ष कोई नया कर नहीं लगाया और 900 करोड़ रूपये की राहत दी थी पेट्रोल डीजल पर लगने वाले वेट की दरों में क्रमश 6 रूपये एवं सात रूपये प्रतिलीटर कमी की गई जिसके कारण राज्य के राजस्व पर छह करोड़ रूपये वार्षिक अतिरिक्त भार पड़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थ व्यवस्था अभी भी उभर नहीं पाई अत: बजट 2022-23 में कोई नया कर नहीं लगाया गया एवं सभी वर्गो को लगभग 1500 करोड़ रूपये की राहत दी गई है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण के अंत में तीन साल के प्रबंधन को विषम परिस्थितियों एवं चुनौती के बाद का प्रदेश को खुशहाली के पथ पर अग्रसर करने वाले इस बजट को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने का संकल्प दोहराया कहा ...... न थके अभी पैर, ना अभी हिम्मत हारी है हौसला है जिंदगी में कुछ कर दिखाने का इसलिए अभी भी सफर जारी है।

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